इन 8 मंत्रों का संक्षिप्त सार यहाँ दिया गया है:
जिसने आकाश, पृथ्वी और सूर्य को स्थिर किया है, वह आनंदस्वरूप परमात्मा ही हमारे लिए पूजनीय है।
हे प्रजापति! आपके अलावा कोई और इन समस्त पदार्थों को उत्पन्न करने में समर्थ नहीं है। हमारी मनोकामनाएं केवल आपकी कृपा से पूर्ण हों।
क्या आप इन मंत्रों का या उनके विस्तृत अर्थ के बारे में और अधिक जानना चाहेंगे?
वह ईश्वर हमारा भाई, पिता और विधाता है। वह समस्त लोकों को जानता है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है।